Thursday, 26 January 2017

मुस्कुराते रहिये




खुशियों की गर हो ख्वाहिश

तो मुस्कुराते रहिये .

हर वक़्त कोई नग़मा

बस गुनगुनाते रहिये .


ग़र्दिश में होंगे दिन तो

अपने ना साथ देंगे .

इक दिल -अज़ीज़ साथी

अपना बनाते रहिये .


लाचार, बेबसों से

दुनिया भरी पड़ी है .

बातों से अपनी उनके

दिल को लुभाते रहिये .


टूटेंगे रोज़ दिल , और

कुछ लोग भी हँसेंगे.
.
नादां उन्हें समझ कर

ग़म को भुलाते रहिये .


जब भी कभी तबीयत

ग़मगीन हो रही हो .

इस SHAYARI के पन्ने

पर रोज़ आते रहिये .