Sunday, 18 October 2015

दिल के दर्द की शायरी


दिल के दर्द


फूलो से सजे गुलशन की ख्वाइश थी हमें,
मगर जीवनरूपी बाग़ में खिल गए कांटे.
अपना कहने को कोई नहीं है यहाँ,
दिल के दर्द को हम किसके साथ बांटे

Sunday, 11 October 2015

दो लफ्ज दर्द शायरियाँ


यद् भुलाने को

सिगरेट जलाई थी तेरी याद भुलाने को
मगर कम्बख्त धुए ने तेरी तस्वीर बना डाली

Saturday, 10 October 2015

दर्द शायरी दो लाइन


Woh Rasta Jo Hamain Uske Dil Tak Le Jata
Umar Saari Usi Rastay Ki Talaash Mai Guzri…..

Tumhare Jane K Baad Kaun Rokta Humein……….!!
So Jee Bhar K Khud Ko Barbaad Kya..!!

Tumhare Sath Dekhi Thi Warna Zindagi Mujhko
Na Tab Mehsoos Hoti Thi Na Ab Mehsoos Hoti Hai…

Ye Tera Khel Na Ban Jaye Haqiqat Ek Din…
Ret Pe Likh K Mera Naam Mitaya Na Karo…

Youn Bhi To Raaz Khul Hi Jaayega Ek Din Humari Mohabbat Ka…!!
Mehfil Mein Jo Hum Ko Chorr Kar Sab Ko Salaam Karte Ho…!!

Thursday, 8 October 2015

Two Line Status in Hindi


इतनी बदसलुकी मत कर ए जिंदगी,
हम कौन सा यहाँ बार बार आने वाले है.

पुरानी होकर भी खास होती जा रही है,
मोहब्बत बेशरम है बेहिसाब होती जा रही है.

बस कर, पत्थर होने लगी हैं आँखें ।
ऐ दिल हर रोज़, यूँ उसका रस्ता न देख

थोड़ा बचा हूँ, बाकि हिसाब हो चुका है,
बहुत कुछ है, जो मुझमें राख़ हो चुका है ।

टूटता हुआ तारा सबकी दुआ पूरी करता है..
क्यों के उसे टूटने का दर्द मालूम होता है

बरसों से कायम है इश्क़ अपने उसूलों पर,
ये कल भी तकलीफ देता था ये आज भी तकलीफ देता है.

कहानी खत्म हो तो कुछ ऐसे खत्म हो,
कि लोग रोने लगे तालियाँ बजाते बजाते.

तेरी याद से शुरू होती है मेरी हर सुबह,
फिर ये कैसे कह दूँ कि मेरा दिन खराब है.

उम्र कितनी मंजिले तय कर चुकी,
दिल बेचारा वहीँ का वहीँ रह गया.

हर बार सम्हाल लूँगा, गिरो तुम चाहो जितनी बार,
बस इल्तजा एक ही है, कि मेरी नज़रों से ना गिरना.

विश्वास करना हम दोस्ती अपनी निभाएंगे,
अगर खुदा भी बुलाएगा तो कह देंगे, दोस्त इजाजत देगा तो ही आयेंगे.

सौ खामियां होंगी मुझमें,पर एक खूबी भी है,
अपनों को आज तक , पराया नहीं किया मैनें.

कभी मुस्कुराती आँखें भी कर देती हैं कई दर्द बयां,
हर बात को रो कर ही बताना जरूरी तो नहीं.

ख़ुदा ने लिखा ही नहीं तुझको मेरी क़िस्मत में शायद,
वरना खोया तो बहोत कुछ था एक तुझे पाने के लिए.

जो चीज़ मेरी है उसे मेरे सिवा कोई और ना देखे,
इंसान भी मोहब्बत में बच्चों की तरह सोचता है.

हम तो नादाँ है क्या समझेंगे मोहब्बत के उसूल,
बस, तूझेचाहना था,तूझे चाहते है और तूझे ही चाहेंगे.

तमन्ना तेरे जिस्म की होती तो छीन लेते दुनिया से,
इश्क तेरी रूह से है इसलिए, खुदा से मांगते हैं तुझे.

बार बार क्यू पूछते हो “मुकाम”अपना,
कह दिया ना जिदंगी हो तुम.

हमारे बाद भी नही आएगा तुम्हे चाहत का मज़ा,
तुम सबसे कही फिरोगी हमे चाहो उसकी तरह.

ज़िन्दगी में अगर कोई रुठे तो उसे फौरन मना लेना,
क्योंकि जिद्द की जंग में दूरियाँ अक्सर जीत जाती है.