Sunday, 13 April 2014

मुहब्बत पर शायरी

मुहब्बत पर शायरी


इस कदर हम उनकी मुहब्बत में खो गए!
कि एक नज़र देखा और बस उन्हीं के हम हो गए!
आँख खुली तो अँधेरा था देखा एक सपना था!
आँख बंद की और उन्हीं सपनो में फिर खो गए!

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